Tuesday, July 1, 2008

इश्क करना है तो कर

इश्क करना है तो कर, देखता रह जाएगा,
उम्र ढलती जायेगी, देखता रह जाएगा।

काली जुल्फें कल तलक, खो देंगी अपनी चमक,
किसकी कसमें खायेगा, देखता रह जाएगा।

सोचना बेकार, इश्क मानता है दिल की बात,
दिल धड़कना छोड़ देगा, देखता रह जाएगा।

आजमाना, तड़पाना, आंसू बहाना, ना-नुकुर,
ख़ूबसूरत शर्तें चार, देखता रह जाएगा।

जो मिले सुभान अल्लाह, हुस्न के चक्कर न काट,
हूर के नखरे हजार, देखता रह जाएगा।

तसलीम तो खाना-ख़राब, उसकी बात छोड़ दे,
बे-आवाज़ तेरा प्यार, देखता रह जाएगा।